भारत में हरि कीर्तन कम होंगे? दुष्कर्म छेड़छाड़, अश्लीलता और बढ़ेंगे?#golden yadav.

समाजशास्त्री गोल्डन कुमार की रिपोर्ट_इंडिया यानी भारत अब अंग्रेजों के आजादी के बाद पश्चिमी सभ्यता का गुलाम हो चुकी है, देश में अश्लीलता और दुष्कर्म के मामले बढ़ रहे हैं और और भी बढ़ेंगे इस यह कभी रुकने वाला नहीं है, और रोकने के लिए फिलहाल जो बुद्धिमान लोग हैं उनके पास ठोस कदम नहीं है और ठोस कदम उठाने में नहीं चाहते क्योंकि यह पैसों का खेल है,,”””””””””””सवाल यह है की लंका क्यों जला,,,? उत्तर यही है कि हनुमान के पुंछ में आग़ कौन लगाया?? उत्तर यही है हनुमान के पुंछ में तो आग़ खुद लगाए हैं और दोषी हनुमान नहीं है? सोशल मीडिया गूगल जैसे वेबसाइट पोर्न वेबसाइट में अश्लील वीडियो आ जाते हैं युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं उत्तेजित कर रहे हैं तो इस देश में दुष्कर्म के मामले नहीं बढ़ेंगे तो क्या यहां हरि कीर्तन होंगे?? यहां तक के युटुब फेसबुक एवं कई ऐसे सोशल साइड है जिसमें अश्लीलता भरोसा जाता है और महिलाएं अश्लीलता को बढ़ावा देती है छोटे-छोटे कपड़े पहनते हैं जो युवाओं को उत्तेजित करता है,, भारत को सनातन संस्कृति को मानते हैं लेकिन कोई भी किसी भी पार्टी का नेता इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाते हैं इन सब चीजों को रोका जा, भारत में सामने दिखने वाले गंदगी को ही दूर करने के लिए स्वच्छ भारत अभियान चलाया जा रहा है लेकिन मानसिक गंदगी को दूर करने के लिए किसी भी प्रकार का कार्यक्रम नहीं चलाया गया जा रहा है, वर्तमान स्थिति में दोषी कहे तो इसमें केंद्र सरकार है जो भारतीय जनता पार्टी है ?क्योंकि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय उन्हीं के नियंत्रण में है चाहे तो वह गूगल से सीधे इस पर हस्तक्षेप करके रोकवा सकती है पर यह पैसों का खेल है, गूगल साइट से बड़े-बड़े लोगों को फंडिंग होती है और भारत एक वैश्विक स्तर पर सोशल साइट का एक बहुत बड़ा बाजार है,?

भारत के हिंदूवादी संगठन हो या कोई भी धार्मिक संगठन जब दीपिका पादुकोण भगवा बिकनी पहन ली तब बवाल करने लग गए, लेकिन देश में सोशल साइट कई पोर्न वेबसाइट चल रहे हैं, सोशल मीडिया पर अश्लीलता भरोसा जाता है, इस पर किसी भी धार्मिक संगठन विरोध करते नहीं देखे होंगे उनका मुंह बंद हो जाता है जो कमजोर होते हैं उसी के ऊपर ही कार्य करते हैं, भारत की सनातन संस्कृति है तो ऐसी चीजों पर प्रतिबंध लगना चाहिए बिना परमिशन के नहीं खोलना चाहिए एवं जो चाहते हैं उन्हीं को ही मिलना चाहिए बेवजह नहीं खोलना चाहिए, ऐसी चीजों पर सेंसर बोर्ड होना चाहिए किसको दिखाना है और किसको नहीं दिखाना है अलग से कुछ सिस्टम तैयार करना चाहिए पर ऐसा कहां हो रहा है, देश में अश्लीलता और दुष्कर्म के मामले लगातार बढ़ रहे हैं,। कई ऐसे नेता है जो विधानसभा में पोर्ण वेबसाइट देखें हुए मिल चुके हैं वीडियो आ चुका है,।

भारत में दो तरह के धंधे चल रहे हैं एक तरफ धर्म के नाम पर राजनीतिक धंधा और दूसरी तरफ कथा वाचक के नाम पर धार्मिक धंधा, जिस प्रकार धीरेंद्र शास्त्री जैसे लोगों को कथा वाचन करना है धार्मिक धंधा है ठीक उसी प्रकार विदेश विदेश से चलने वाली पोर्ण वेबसाइट उनका धंधा है तो किन का धंधा बंद करें एक दूसरे के धंधा करने वाले दूसरे धंधा करने वाले पर कभी आरोप नहीं लगा सकते आप नहीं देखे होंगे?

भारत में पोर्न वेबसाइट को बंद करना मुश्किल है पर युवाओं के सामने ना आए इसको बिल्कुल रोका जा सकता है गूगल अकाउंट एवं कई चीज बनाने एवं देखने में इसको भारत सरकार चाहे तो नियंत्रण कर सकती है देश में दुष्कर्म के मामले बढ़ रहे हैं इसको रोका जा सकता है अश्लीलता भरोसा जा रहा है उसे काम किया जा सकता है, जब संविधान बना था तो ऐसी चीज उसे समय नहीं थी अब बिल्कुल नियंत्रण किया जा सकता है, आई टी एक्ट में संशोधन किया जा सकता है?

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