चुनाव आयोग के लापरवाही से, देश की जनता आजादी के,अमृत उत्सव, के बाद मतदान से रह जाते हैं वंचित!

श्री गुरु ग्लोबल न्यूज़:-, **सबसे पहले हिंदी फिल्म का एक डायलॉग लिखते हैं,, तुम ias हो या आईपीएस हो, हो,, तुम उतना ही सोंच सकते हो जितना लिखित में पढ़े हो और समझे हो, और हम पॉलिटिशियन है जहां पर तुम्हारा बुद्धि काम करना बंद कर देता है हमारा बुद्धि वहीं पर शुरू होता है,,,***,भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य है 5 साल में चुनाव आम चुनाव होना ही है, 2024,अभी हो रही लोकसभा चुनाव में पूरे जो बुद्धिमान लोग हैं उनको लग रहा होगा चुनाव आयोग ने बढ़िया काम किया,, जो विकलांग है उनके लिए मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए चार पहिया, का इंतजाम किया,, मतदाता पहुंचे खैर अच्छी बात है,, यह खर्च चुनाव आयोग देश की जनता के लिए बोझ है बोझ बढ़ रहा है,,, जो गाड़ी का खर्च लग रहा है चुनाव में जो खर्च हो रहा है वह जनता की जेब से हो रहा है,, जितना पोलिंग बूथ पर जो चार पहिया गाड़ी चुनाव आयोग लगाया हैं,,। उससे कम खर्च में तो जो विकलांग है जो मतदाता मतदाता मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच सकते उनके लिए तो बहुत कम खर्चे में डाक पत्र के माध्यम से बैलैट पेपर की व्यवस्था कर करके वोट डलवाया जा सकता है, बैलट पेपर की सुविधा केवल कर्मचारियों के लिए है जो चुनाव ड्यूटी के लिए बाहर जाते हैं,,और यह जितना चुनाव आयोग गाड़ी में खर्च कर रही है जनता की पैसों के वह बचत हो सकती है और चुनाव कम खर्च में चुनाव संपन्न हो सकता है पर चुनाव आयोग लगातार खर्च में बढ़ोतरी कर रही है। चुनाव आयोग को क्या है चुनाव आयोग भी आदमी है वह अपने जेब से थोड़ी देना है यह सब सरकारी पैसे से होता है और जनता का पैसा से होता है उनके पास इतना सोचने का खर्च कम हो इसके लिए क्या है करना,,। डाक पत्र के माध्यम से जो विकलांग है उनका वोट, जो विकलांग है बुजुर्ग है ,हैं,, विकलांग, हैं,, जो मतदान केंद्र, तक आसानी से नहीं पहुंच सकते,,, जनता का बहुत बड़ा पैसा खर्च हो रहा है उनके लिए गाड़ी व्यवस्था करने में,, उसे बहुत कम खर्चे में वैलेट पेपर से उनको वोटिंग कर करके खर्च को कम किया जा सकता है चार पहिया गाड़ी का खर्चा चुनाव आयोग का जनता का पैसा बच सकता है,,, कई मतदाता, रोजी रोटी के लिए अपने लोकसभा क्षेत्र से या फिर जपने जिले से बाहर रहते हैं,, उनको इस स्थान पर बैलैट पेपर की व्यवस्था करके,, उनको उन्हीं के स्थान पर वैलेट, पेपर व्यवस्था किया जा सकता है, डाक मत पत्र के माध्यम से उनके जिले में उनका वोट पहुंच सकता है पर चुनाव आयोग जानबूझकर ऐसा नहीं करती या सरकार भी ऐसा नहीं चाहती सरकार किसी का भी,रहे,, ऐसा में बहुत बड़ी आबादी बिल्कुल गिनती हो जाएगी,, बाहर कमाने खाने के लिए कितने लोग हैं क्षेत्र से बाहर गए हैं और यह जो सरकार के लिए बहुत बड़ा धब्बा होगा इसलिए नहीं चाहती ऐसा व्यवस्था हो सके,, कई ऐसे मतदाता है जो जिले से बाहर रहते हैं कई राज्य से बाहर रहते हैं वह मतदान से बिल्कुल वंचित रह जाते हैं,, वह अपना जन प्रतिनिधि लोकतंत्र में चुनने, से बिल्कुल वंचित रह जाते हैं चुनाव आयोग को ग्लोबल न्यूज के माध्यम से,, अपील है कि ऐसे मतदाता के लिए वोटिंग करने के लिए अधिकार मिलना चाहिए एवं चुनाव को कम खर्चे में हो सके इसके लिए ऐसा विकलांग के लिए भी करना चाहिए ताकि लोकतंत्र में जनता का पैसा बचे फिजूल खर्ची ना,हो,।

भारत का चुनाव पूरे,देश का चुनाव, दो से तीन चरण में बिल्कुल हो,, बहुत लंबा अंतराल रखा गया है,, चुनाव आयोग ने,सात चरण में, 2024 का चुनाव प्रक्रिया कर रही है, भारत को पूरी दुनिया में, कमजोर सबित किया,,, बिल्कुल कमजोर देश साबित किया,,, भारत की कार्यक्षमता पर बिल्कुल सवाल उठ रहा है, 1952 में देश के पास कुछ नहीं था तब 3 महीना लगा चुनाव करवाने,में, अब तो टेक्नोलॉजी है हवाई जहाज है हेलीकॉप्टर,है,, रेलवे है बस है कार है,, कई सरकारी गाड़ी है,, फिर भी 2 महीने लग रहे,हैं, कई ऐसे राज्य हैं एक चरण में चुनाव,हो सकते थे, भौगोलिक दृष्टि से बड़ा क्षेत्रफल में,तमिलनाडु में एक चरण चुनाव हो सकते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश में नहीं मैदानी इलाका है,, यह चुनाव आयोग का संयोग है,जानबूझकर किया गया प्रयोग है,,, जनता के बीच तो सवाल उठ रहा है।।

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