चुनाव आयोग भारत के लोकतांत्रिक देश के जनता के साथ, ऐसे लगा रहा है चुना।#गोल्डन यादव।

श्री गुरु ग्लोबल न्यूज:-विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश भारत, 2024 का चुनाव चुनाव आयोग लोकतांत्रिक देश भारत के,साथ,ऐसे चूना लगा रहा है,, यहां चुनाव आयोग संवैधानिक,, संस्था,है,,। इनका चुनाव के लिए देश की जनता का कई वित्तीय खर्च उठाती है,। खर्च हो रहा है कोई बात नहीं, शत् प्रतिशत मतदान के लिए चुनाव आयोग के पास कोई दूर दृष्टि और बुद्धि नहीं,है,। चुनाव में बहुत खर्चा होता है,। चुनाव आयोग को कई अधिकार प्राप्त,है,, लेकिन चुनाव आयोग की विश्वसनीयता और उनकी दूर दृष्टि अभी तक आजादी के 75 साल के बाद भी इनके पास नहीं हुआ है यह साबित,होता है। चुनाव आयोग के पास बिल्कुल दूर दृष्ठिता नहीं है,। 2024 का लोकसभा चुनाव है,,। स्पष्ट,हो गया,, सबसे पहले तो आजादी कितने दान दिन के बाद भी, तीन-तीन महीना के लिए चुनाव प्रक्रिया कर रहे हैं, तो भारत क्या विकास हुआ, आप दो से तीन चरण में चुनाव नहीं करवा सकते,, आज बहुत संसाधन है फिर भी चुनाव आयोग सिलेंडर कर रहा है, इतना बड़ा सीआरपीएफ है आर्मी है हेलीकॉप्टर है हवाई जहाज है फिर भी, भारत की क्षमता को पूरी दुनिया में चुनाव आयोग कमजोर कर रहा है, भारत की क्षमता को चुनाव आयोग बिल्कुल दुनिया में कमजोर साबित कर रहा है,।लेकिन चुनाव आयोग शत प्रतिशत मतदान के लिए जनता का पैसा खर्च कर रही,है। बिल्कुल यह ढकोसला की तरह है,। विकलांग के लिए गाड़ी व्यवस्था करेंगे अच्छी बात है। लेकिन कई मतदाता ऐसे हैं जो अन्य राज्यों में है वह मतदान से बिल्कुल वंचित रह जा रहे हैं इनके लिए चुनाव आयोग ने कोई व्यवस्था नहीं किया है,। जो मतदाता अपने राज्य से बाहर है या कमाने खाने के लिए बाहर गए हैं उनके लिए चुनाव आयोग ने कोई व्यवस्था नहीं किया है। क्या उनको भारतीय डाक के माध्यम से अपने लोकसभा क्षेत्र में मतदान करने का अधिकार चुनाव आयोग नहीं दे सकती बिल्कुल चुनाव आयोग देश के साथ चूना लगा रहा है ऐसा व्यवस्था नहीं किया गया है,। मतदान तो सरकारी खर्चे में हो सकता है क्या डाक का खर्चा पोस्ट के माध्यम से मतदान नहीं हो सकता, सरकारी खर्चे में मतदान क्यों नहीं हो सकता, जो मतदाता अपने राज्य से बाहर है अपने लोकसभा क्षेत्र में मतदान नहीं कर सकता, इसी प्रक्रिया में चुनाव आयोग बिल्कुल फेल,है, चुनाव आयोग के पास दूर दृष्टि नहीं है,। कई मतदाता अपने क्षेत्र में इसलिए मतदान में नहीं पहुंचते हैं क्योंकि आने जाने का खर्चा है, बल्कि उनका मतदान अपने क्षेत्र में जो मतदाता है डाक के माध्यम से वोटिंग हो सकता है, पोस्ट पत्र के माध्यम से वोटिंग हो सकता है पर चुनाव आयोग जानबूझकर यह नहीं कर रही है, देश का चुनाव आयोग के पास पैसा की कोई कमी नहीं है खर्चा लोकतंत्र में उनके लिए अधिकार है पर चुनाव आयोग के पास ऐसा दूर दृष्टि नहीं है या उनके पास ऐसा दिमाग ही नहीं है, पता नहीं चुनाव आयोग के जो अधिकारी है कौन नियुक्ति करता है कैसे नियुक्ति करता है जो उनके पास है ऐसा सोच दूर दृष्टि सोच नहीं है।, देश का वोटिंग प्रतिशत 60 से 70% से आगे क्यों नहीं बढ़ता, 90% वोटिंग क्यों नहीं होता कि चुनाव आयोग के पास सवाल पूछोगे तो उसका जवाब ही नहीं है,। बिल्कुल 90% वोटिंग हो सकता है, पर चुनाव आयोग के पास जो चुनाव आयोग है उनके पास दूर दृष्टि और बुद्धि ही नहीं है कैसे चुनाव कैसे ?वोट परसेंट बढ़ सकता है उनके पास सोच ही नहीं है।

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