क्या यही है विष्णु देव का सुशासन,, शराबियों के साथ कर रहे हैं शोषण, कौन खा रहा है इसका कमिशन ?

श्री गुरु ग्लोबल न्यूज:-छत्तीसगढ़ के दारु पीने वाले उपभोक्ता के लिए यह जानकारी देना जरूरी है, दारू बनाने वाली कंपनी होता है लेकिन उनको बेचने का अधिकार नहीं होता है, यानी उनका बिना होलोग्राम के मार्केट में नहीं बेंच सकते,। और छत्तीसगढ़ में जो दारू का रेट बढ़ा है वह अन्य पड़ोसी, राज्य की तुलना में सबसे अधिक है,। और छत्तीसगढ़ जनसंख्या की दृष्टि से दारु पीने के मामले में भारत में नंबर वन है। यह कुछ साल पुराना आंकड़ा है,,मतलब यहां शराबियों के साथ शोषण भी हो रहा है यह भी कह सकते हैं। चलो शोषण हो रहा है कोई बात नहीं लेकिन जो दारू के क्वार्टर में एमआरपी से जो तय रेट है उसे अधिक क्यों बेंचा जा रहा है,।,, चलो मान लेते हैं स्टाक नहीं है,, तो छुरा के भट्टी में ऐसा दारू क्यों बेंच रहे हैं जो पहले कभी नहीं बेचा गया था,,, यहां यहां पहले गोवा मिलता था₹120 में जो बढ़कर ₹130 हो गया है,, उसको अब नहीं बेचा जा रहा है,,, उसके जगह जम्मू बेच रहे हैं,, चलो कोई बात नहीं वह जो रेट लिस्ट में लिखा गया है,, लेकिन 10 अप्रैल को जिला गरियाबंद छुरा के भट्टी में,,, अंग्रेजी का दारू,, जिसमें अंग्रेजी में बेस्टो हो लिखा गया है,, जिसका निर्माण अवधि फरवरी में है,, उसको अप्रैल में बेच रहे हैं,, चलो मान लेते हैं दारू का रेट बढ़ गया तो उनको मार्च तक खत्म कर देना था,, या उनको फिर से नए एमआरपी में पैकिंग करना था,, तो मतलब यह साबित होता है सरकारी लाइसेंस की दुकान में ब्लैक में दारु बेच रहे हैं,। नियम तो यही कहता है की एमआरपी से अधिक दर पर कोई सामान नहीं बेंच सकते,,, तो क्या दारु पीने वाले बेवकूफ है एमआरपी से अधिक खरीद सकते हैं,, चलो ब्लैक में खरीदना होता है तो अधिक में खरीद लेते ,लेकिन सीधे सरकारी लाइसेंसी की दुकान में तय दर से अधिक कैसे खरीद सकते हैं।? लेकिन सबसे बड़ी बात यही है की छुरा भट्टी के दारू बेचने वाले ने फोटो खींचने समय उनसे बात करने पर यह सवाल पूछने पर , वहां के दारु भट्टी के कर्मचारी, ने कहा तुमको जो छापना है जो लिखना है लिखो। दारू का रेट बढ़ गया है, वहां मौजूद दारू खरीदने वाले ने टोल फ्री नंबर14405 पर कॉल लगाया पर लगा नहीं,।,,,, मतलब यह टोल फ्री नंबर केवल दारु पीने वाले ग्राहक के साथ मूर्ख बनाने के लिए दिया गया है ऐसा लगता है क्योंकि इस नंबर में फोन कॉल लगता ही नहीं। जो समस्या है शिकायत दर्ज कर ही नहीं सकते। मतलब छत्तीसगढ़ के दारु भट्टी में अधिक देर पर दारू अगर बिकेगा तो इसका कहीं शिकायत भी नहीं कर सकते। मतलब यह छत्तीसगढ़ के दारु पीने वाले शराबियों के साथ अन्याय है, तो उनको न्याय कहां मिलेगा यह तो सीधे-सीधे यहां के शराबियों के साथ शोषण हो रहा है, मतलब संविधान में शोषण के विरुद्ध जो अधिकार है उनका दुरुपयोग हो,रहा है।

guruglobal

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *