इंडियन पैसा लीग,IPL, सरकार के सह पर ऑनलाइन जुआ और सट्टा।

जैसे सरकार दारू बेचती है और दारू में लिखा रहता है दारू स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है ठीक उसी प्रकार ऑनलाइन गेम में dream11 और अन्य गेम में विज्ञापन में सीधा इसका प्रचार होता है और लास्ट में कम आवाज में बोला जाता है यह जोखिमों से भरा है आर्थिक नुकसान हो सकता है। देश के युवा बर्बाद हो रहे हैं और कई युवा इसमें हारने के वजह से आत्महत्या के आत्महत्या कर ले रहे हैं तो मामला किसके ऊपर दर्ज होना चाहिए। इनका शुरुआत देखें तो कांग्रेस के कार्यकाल में 2008 में शुरू हुआ और अभी भाजपा का सरकार है और क्रिकेट में अब राजनीति का सीधा संपर्क और दबाव रहता है यह तो पूरे देश को मालूम है। इसके पैसे में सीधे राजनीतिक पार्टियों का दबदबा एवं सब में साझेदारी और हिस्सेदारी हो सकती है इसमें दो राय नहीं? लेकिन इस देश में कानून भी दो प्रकार का है जुवां 52 पत्ती खेलना अपराध की श्रेणी में आता है। लेकिन वहीं इसी देश में ऑनलाइन गेम अपराध की श्रेणी में नहीं रखा गया है जबकि बड़े-बड़े हंसती वाले इसको सीधा विज्ञापन करते हैं प्रचार करते हैं। और बढ़ावा दे रहे हैं। मतलब जिसके पास रहेगा कैस वही चलाएगा देश?।

  • इतिहास में यही कहा गया जिस देश का राजा व्यापारी रहता है उस देश की प्रजा की हालत भिखारी जैसे ही रहती है, ऑनलाइन जुआ में जीतने वाले शिकारी और हारने वाले भिखारी, इसीलिए ग्लोबल न्यूज़ के संपादक गोल्डन कुमार कहते हैं 1 दिन शिकारी तो 1 दिन भिखारी,।
  • देश के युवाओं का समय क्रिकेट देखने में बर्बाद हो रहा है।
  • कितना आर्थिक नुकसान हो रहा है।
  • पहले हॉटस्टार देखते थे अब धीरे-धीरे देखने वालों की संख्या घट रही है अब कंपनी की तरफ से राहत मिल रहा है और कई जगह तो सीटें क्रिकेट स्टेडियम की खाली रहती है अब तो वह आधे रेट में बिकने लग गई है।
  • मतलब स्पष्ट हो गया है जिसके पास बहुत पैसा है पैसा की कोई कमी नहीं है वही क्रिकेट देख रहा है। और वही ऑनलाइन गेम खेल रहा है।
  • मतलब इस देश में जिसके पास ज्यादा पैसा है जो वह ऑनलाइन गेम सट्टा वेश्यावृत्ति करने का कानून में प्रावधान कर देना चाहिए क्योंकि दो पैसा उसी का है किसी का कमाया हुआ पैसा है?वह पैसा कमाए या गमाए उसके विवेक पर निर्भर करता है।
  • सरकार को पैसा ही कमाना है और सिस्टम में है तो आने वाला समय में क्या ऐसा कर सकती है?

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