आचार संहिता लगते ही कलेक्टर एसपी का तबादला अब चुनाव आयोग या ?

_श्री गुरु ग्लोबल न्यूज़_राजनीति विशेषज्ञ गोल्डन कुमार पहले छे_छे महीना में कलेक्टर और एसपी का ट्रांसफर कर देते थे बहुत दिन से ऐसा सूचना नहीं आ रहा है, लोक सेवक के स्थानांतरण आदेश में भी तो यही रहता है अस्थाई रूप से पदस्थ किया जाता है यानी हमेशा के लिए एक जगह नहीं रह सकते।भारत एक लोकतांत्रिक देश है, सरकार जनता चुनती है, और सरकार ब्यूरोक्रेट चलाती है यानी सरकारी कर्मचारी। अधिकारी और कर्मचारी पढ़े लिखे होते हैं और पढ़े लिखे को पढ़ाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन काम है। लेकिन काबिल पॉलीटिशियन ही ब्यूरोक्रेसी चला सकता है संभाल सकता है। 15 साल के भाजपा के शासन के बाद, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार आई। और आज भी ऐसा ही महसूस होता है छत्तीसगढ़ कांग्रेस सरकार से ब्यूरोक्रेसी कंट्रोल में नहीं है। और अब चुनाव नजदीक है तो आगे यह हो ही नहीं सकता। बिल्कुल नहीं कर पाएंगे ज्यादा से ज्यादा क्या करेंगे ट्रांसफर करेंगे और क्या करेंगे? खुद के विधायक द्वारा विधानसभा में अधिकारियों कर्मचारियों की लापरवाही और भ्रष्टाचार पर सवाल उठाना यह स्पष्ट होता है। सवाल छत्तीसगढ़ की जनता के बीच यह सवाल पैदा होता है कि अधिकारी कर्मचारी किसके आर्डर फॉलो कर रहे हैं और किसका सुन रहे हैं? कांग्रेस सरकार से अधिकारी कर्मचारी ब्यूरोक्रेसी नियंत्रण में नहीं होने का मुख्य कारण कांग्रेस सरकार फैसला लेने में बहुत देरी किया, और करती भी रही। 2018 में पिछले रमन सिंह का सरकार पलटते ही नया कांग्रेस सरकार ऐसा लग रहा था पूरे छत्तीसगढ़ IASआईपीएस अधिकारियों को ट्रांसफर करेगी। यह वह तुरंत नहीं किया। यह करने में डेढ़ साल लग गया यानी पहला ट्रांसफर कलेक्टर एसपी का मई के आखिरी हप्ते 2020 में हुआ। उस समय COVID_19 का दौर शुरू हो गया था। लोक सेवक एवं पब्लिक प्रशासन जनता के बीच बेहतर फीडबैक शासन के लिए जाता है। छत्तीसगढ़ में ऐसा नहीं दिखाई देता है कोई तहसीलदार से परेशान है कोई थानेदार से परेशान है कोई सीईओ का शिकायत कलेक्टर के पास कर रहा है। सवाल यह उठता है सरकार मजबूत है 71 विधायक आपके पास है, फिर भी ब्यूरोक्रेसी आपकी सुन नहीं रहे हैं! यह तो बहुत गहरा विषय है चिंतनीय है। लोकल क्षेत्रीय स्तर पर देखें तो कांग्रेस ने उन्हें विधायक प्रतिनिधि बनाया है जो मध्य प्रदेश एजुकेशन बोर्ड में पढे़ हैं, और यहां छत्तीसगढ़ एजुकेशन बोर्ड में पढ़ के नवा नवा अधिकारी कर्मचारी आ गए हैं। कांग्रेस को चाहिए था वरिष्ठ कांग्रेसी नेता के साथ-साथ छत्तीसगढ़ एजुकेशन बोर्ड में पढे युवाओं को भी मौका मिले पर यह नहीं हुआ। निश्चित समय यह समस्या दूर नहीं किया गया कांग्रेस के लिए कुछ नुकसान भी है। सरकार और संगठन में तालमेल होना जरूरी है यह भी दिखाई नहीं दे रहा है। युवा कांग्रेस वरिष्ठ कांग्रेस एवं कांग्रेस सेवादल कांग्रेस का महत्वपूर्ण हिस्सा था इतिहास में वह भी तालमेल अब दिखाई नहीं देता। कांग्रेस सेवा दल की मुख्य हिस्सा थी जो जनता के बीच सीधे समाज सेवा एवं कार्य करती थी। कांग्रेस सेवादल संगठन सरकार के बीच दिखाई कम देते हैं।

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