जो लापरवाही चाइना ने किया वह लापरवाही इंडिया भी कर चुका है।

कोविड-19 करोना RNAवायरस है! आर एन ए यानी जानवरों में पाया जाने वाला वायरस, जो मनुष्य के डीएनए में घुस चुका है। डीएनए केवल मनुष्य के खून में ही पाया जाता है। आर एन ए प्लस डीएनए। उसी का कारण है लगातार वायरस अपना जीन में परिवर्तन कर रहा है। उसी का उदाहरण है। भारत में पहला कोविड-19 मरीज केरल में मिला था 28 जनवरी 2020 को। डब्ल्यूएचओ ने वैश्विक महामारी का घोषणा 31 जनवरी 2020 को किया। उस समय भारत सरकार इस को हल्के में लिया। 24 फरवरी 2020 के दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्वागत में नमस्ते इंडिया के लिए यह गाइडलाइन देश के लिए नहीं किया गया था। कोविड-19 भारत में एयरपोर्ट के ही रास्ते आया है लापरवाही सबसे पहले एयरपोर्ट में हुई एयरपोर्ट से आने वाले vipनागरिकों को कोरेटाइन नहीं किया गया था, प्रवासी शब्द विदेश आने जाने वालों के लिए उपयोग किया जाता था जबकि देश के ही एक दूसरे राज्य जाने वाले मजदूरों को प्रवासी मजदूर कहा जाने लगा, रोज कमाने खाने वाले देश की गरीब आदमी मजदूरों को काफी कष्ट झेलना पड़ा उनको पैदल ही अपने घर को आने को मजबूर हो गए, कोविड-19 से कई कहानियां आज भी है,कोविड-19 का पहला लहर खत्म होते ही भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दूरदर्शन में आकर के बयान दे दिए देश करोना से अब जंग जीत गया है फिर कुछ महीनों बाद दूसरा लहर शुरू हो गया। फिर भारत सरकार ने अनिवार्य मार्क्स का गाइडलाइन भी खत्म कर दिया।भारत सरकार ने उस समय कार्य शुरू किया जब कोविड-19 सभी राज्यों में फैल गए थे। लॉकडाउन का फैसला लेना ही पड़ा। एवं विश्व के अन्य देश लॉकडाउन का फैसला केवल स्थिति नियंत्रण में थी तब तक नहीं लिया गया। अमेरिका ने तो लॉकडाउन का फैसला लिया ही नहीं। अमेरिका का स्वास्थ्य सिस्टम विकसित देश होने के कारण मजबूत है। अमेरिका के मुकाबले एवं विश्व के अन्य विकसित देश के मुकाबले भारत की जनसंख्या और स्वास्तिक ढांचा कमजोर है। अगले 40 दिन भारत के लिए महत्वपूर्ण है। 2020 और 2021 करोना के दूसरे एवं तीसरे पहर में यही चीज है सामने आया है जैसे ही टेंपरेचर बढ़ती है कोविड-19 मामले भी बढ़ते हैं यह स्वास्थ्य के हिसाब से मालूम हो चुका है बीएफ सेवन वैरीअंट फिलहाल केरल में अधिक है 2020में भी वहीं से ही पहला मामला आया था। महामारी सबसे पहले चाइना में सामने आया था। चाइना में सबसे ज्यादा कहर बरपाया था। फिलहाल bf7 वेरिएंट में तबाही मचा रहा है। चाइना के कम्युनिस्ट सरकार में कोविड-19 के लॉकडाउन अधिकार राज्यों से छीन लिया है। चाइना अपने इकोनामी को बनाए रखने के लिए व्यापार एवं कई गाइडलाइन को पाबंदी नहीं किया गया है। चाइना के कम्युनिस्ट सरकार को मालूम है कोविड-19 इतनी आसानी से जाने वाला नहीं महामारी का इतिहास देखें तो पहले भी जो महामारी आया था कई सालों तक उसका असर रहा है। कोविड-19 करोना भी इतनी आसानी से जाने वाला नहीं है। भारत के विशेषज्ञ लोग जो चाइना का वीवो ओप्पो यूज करते हैं,यही कह रहे हैं चाइना का वैक्सीन उतना कारगर नहीं था कुछ परसेंट ही ह्यूमन सिस्टम को, बनाए रखा था। चाइना का वैक्सीन कमजोर था। लेकिन श्री गुरु ग्लोबल न्यूज़ को ऐसा नहीं रखता है जो देश अमेरिका रसिया और विश्व के अन्य विकसित देशों की इकोनामी तकनीकी सिस्टम में बराबरी कर रहा है उनका मेडिकल साइंस कमजोर कैसे हो सकता है? चाइना की तरह भारत सरकार ने भी कोविड-19 गाइडलाइन खत्म कर दिए। कोविड-19 जारी करने वाला पहला राज्य कर्नाटक है। भारत सरकार भी जल्द ही कोविड-19 जारी कर सकती है। कोविड-19 के बीएफ 7 वेरिएंट फिर दुनिया के कई देशों में तबाही मचाना शुरू कर दिया है। भारत की अर्थव्यवस्था पहले से ही कमजोर हो चुकी है अगर फिर महामारी आती है तो देश बहुत बड़ा आर्थिक संकट से गुजरना होगा।

कोविड-19 का समय जुलाई 2020 कुछ पाबंदियां पहली लहर में खुल गई थी,

हसदो नदी छत्तीसगढ़ कोरबा।

विद्वानों ने कहा है स्वास्थ्य ही धन है दुनिया में मेडिकल पर बहुत पैसा खर्च हो रहा है, यह साबित हो चुका है भारत सरकार गाइडलाइन जारी करें या ना करें अपने स्वास्थ्य को देखते हुए सतर्क रहे हैं और जरूरी दिशा निर्देश का अपने विवेक से पालन जरूर करें।

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